हेलो दोस्तों,मैं सर्वशक्ति सिंह आप सभी का स्वागत करता हूँ।आज हम बात करेंगे कि आखिर परिवार में झगड़ा क्यों होता हैं?झगड़े की वजह चाहे जो भी हो मगर क्या उसे होने से रोक जा सकता है?
अगर हाँ, तो कैसे? ऐसा कुछ हो सकता हैं, जिससे कभी झगड़ा ही ना हो।तो देर ना करते हुए आइए जानते हैं।
झगड़ा हमेशा चार चीजों पर होता है। पैसा ,प्रॉपर्टी, सम्मान और विश्वास।
पैसा -मान लीजिए अगर पैसे को लेकर विवाद हो रहा है,तो आपको बता दूँ, कि हमेशा पैसे का लेन-देन ऑनलाइन बैंक से करें।इससे आपका पैसा सेफ भी रहेगा।और proof तो खुद बैंक ही दे देगा।
और आगे कोई विवाद भी नही होगा।
● मगर घर मे पैसे को लेकर विवाद हो रहा है।जैसे कि घर में बैठा है कुछ कमाता नही है या घर वालों को पैसा नही देता।ऐसी स्थिति में आप शांत रहे।और कोशिश करें।कि कोई ना कोई काम आपके हाथ में आ जाए।
क्योंकि घर में ऐसा तभी कहते है।जब इनकम कम हो और खर्चा ज्यादा।उस समय आपकी यही जिम्मेदारी होती है।कि आप अपने घर वालों का हौसला बढ़ाए।और जल्द ही कोई निष्कर्ष निकालें।
●अगर आप बुजुर्ग हैं, तो आपको किसी काम के लिए ।पैसे चाहिए तो direct पैसे की demand ना करें।इससे स्थिति खराब हो सकती है।
आप ये सुनिश्चित कर लें, कि क्या ये बात करने का सही समय है।क्योंकि आज कल के समय मे हर कोई अपने काम में परेशान रहता है।अगर उससे पैसे के बारे में बोलोगे तो बुरा तो लगेगा ही।
सही समय को देखते हुए।ये मत बताओ कि पैसे चाहिए।बल्कि जिस लिए पैसे चाहिए उसके बारे में बात करो।उसकी अच्छाई बताओ।तो सामने वाला खुद ही बोल देगा ।कि ये चीज कैसे होगा।फिर आप अपना demand उसके सामने रख सकते हैं।
Property - अगर property को लेकर झगड़ा हो रहा है,तो एक बात आप हमेशा याद रखना।प्रॉपर्टी एक ऐसी चीज है।जिसे कोई नही देना चाहता।भले उसके लिए कितना भी लड़ाई झगड़ा कर लें।यहाँ तक कि लोग दूसरों के जमीन पर भी थोड़ा-थोड़ा करके कब्जा करते रहते हैं।
अगर आप चाहते हैं, कि बिना किसी झगड़े के ये मामला सुलझ जाए ।तो इसका केवल एक ही उपाय है।जिसने भी आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा किया है।उससे सीधे प्रॉपर्टी पर बात मत करो।
बल्कि थोड़ा धैर्य धरो।और उसके परिवार के किसी एक सदस्य जो कि उसके घर मे उसकी चलती हो।और जिसने भी आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा किया है।वो उस सदस्य की बात मानता हो।
उसके साथ मेल जोल बनाए, तब तक जब तक वो पूरी तरह आपके ऊपर विश्वास ना करले।क्योंकि कोई भी व्यक्ति क्यों ना हो।उसे सिर्फ उसके परिवार के लोग ही सुधार सकते हैं।
ऐसा करने से आपकी प्रॉपर्टी भी मिल जाएगी और झगड़ा भी नही होगा।
सम्मान - अब बात करें, सम्मान को लेकर तो लोग अपने मान सम्मान के लिए अपनी जान तक दे देते हैं।सम्मान को लेकर झगड़ा ज्यादातर बाहरी लोगों से होता हैं।
ऐसा आपके साथ तब होता है,जब कही आप काम करने जाते है।और आपका काम औरों से अच्छा होता है।जिससे औरों को आपसे जलन होती है।वे लोग सोचते हैं, कि किस तरह आपको नीचा दिखाया जाए।आपको नीचा दिखाने का हरदम प्रयास करते रहते हैं।साथ आपके बारे में झूँठी अफवाएं भी फैलाते हैं।जिसे आगे चलकर झगड़ा का कारण बनता है।
इससे बचने के लिए,आप कोशिश करें।उनके लोगों के साथ फ्रेंडली रहने की कोशिश करे।उनके साथ भी थोड़ा समय दे।उनके साथ भी हँसी मजाक करते रहें।इससे आपके और उन लोगों के बीच अपनापन आने लगेगा।
एक बात याद रखना जहाँ अपनापन रहता है।वहाँ पर कोई विरोध करने वाला नही होता।बल्कि सब एक परिवार के जैसे हो जाते हैं।इस तरह से आप सम्मान को लेकर होने वाले झगड़े को भी सुलझा सकते हैं।
विश्वास - अगर कही विश्वास को लेकर झगड़ा होता है,जैसे कि कोई कहता है,कि आप मुझपर विश्वास करो।मैं आपका काम पक्का कर दूँगा।लेकिन जब काम नही होता फिर झगड़ा होने की संभावना हो जाती है।
या फिर कही दोस्त यार विश्वास तोड़ देते हैं।या कही प्रेमी या प्रेमिका या पति - पत्नी का विश्वास टूटने पर झगड़ा होता है।
ऐसे झगड़ों से बचने के लिए।जरूरी है कि आप जिसपर विश्वास करते हो।उसका समय - समय पर परीक्षा लेते रहें।ताकि कल वो आपको धोखा ना दे सके।किसी - न - किसी बहाने आप टेस्ट लेते रहें।ताकि आपको पता चल सके कि भविष्य में कही आपको धोखा तो नही मिलेगा।
विश्वास करना गलत नहीं है।मगर जरूरत से ज्यादा विश्वास करना ये। गलत हो सकता है।
क्योंकि अगर ध्यान से देखें, तो विश्वास में भी विष का वास होता है।
आपका और हमारा विश्वास बना रहे।इसलिए मैं ऐसे ही अच्छे - अच्छे post अपलोड करते रहूँगा।और आप भी इसे लाइक शेयर करके मेरा आत्मविश्वास बढ़ते रहे।
ध्यानवाद...
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